PMGKY extended प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2022: PMGKY एप्लीकेशन फॉर्म, ऑनलाइन आवेदन व लाभ

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नई दिल्ली: PMGKY extended प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 2022 के लिए शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई. यह बैठक शाम 4:30 बजे बुलाई गई. आमतौर पर ऐसी बैठकें बुधवार के दिन होती हैं लेकिन शनिवार को यह बैठक किस उद्देश्य से बुलाई गई, इस पर सबकी निगाहें टिकी रहीं.

इस बैठक में एक बड़े मुद्दे पर फैसला लिया गया.

मीटिंग में हुआ ये फैसला

Table of Contents

PMGKY प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना क्या है

PMGKY प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 26 मार्च 2020 को 21 दिन के लॉक डाउन को ध्यान में रखते हुए गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसके लिए आरंभ की है| प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हमारे वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने विभिन्न प्रकार के योजनाओं को प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के अंतर्गत आरंभ किया है योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1.70 करोड़ की धनराशि आवंटित की है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ 80 करोड़ लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तथा योजना से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को ध्यानपूर्वक पढ़ें|

PMGKY प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना प्रधानमंत्री ने क्या फैसला लिया

इस कैबिनेट मीटिंग में गरीब अन्न कल्याण योजना को अगले 6 महीने तक बढ़ा दिया गया है. मोदी कैबिनेट में यह फैसला हुआ कि 30 सितंबर तक यह योजना लागू रहेगी. पहले यह योजना 31 मार्च तक खत्म हो रही थी.

सरकार ने कोरोना काल में शुरू की थी योजना

बता दें कि कोरोना (Corona Virus) की वजह से लॉकडाउन लगने पर केंद्र सरकार ने इस योजना (PMGKAY) की शुरुआत की थी. इसके लिए सरकार ने 1.70 करोड़ की धनराशि आवंटित की थी. इस अन्न योजना के तहत गरीबों को मुफ्त में प्रति व्यक्ति 5 किलो की दर से खाद्यान्न मिलता रहा है.

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लखनऊ में पूरा कैबिनेट

आपको बता दें कि शुक्रवार को लगभग पूरा मंत्रिमंडल लखनऊ में था क्योंकि उत्तर प्रदेश में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी होनी थी. ऐसे में वहां से लौटने के बाद अगले ही दिन पीएम मोदी ने यह बैठक बुलाई.

संसद सत्र के बीच ऐसी चर्चा

गौरतलब है कि इन दिनों संसद का सत्र चल रहा है और ऐसे में कैबिनेट की इस बैठक के कई मायने निकाले जा रहे थे.

https://twitter.com/narendramodi/status/1507713764241690631/photo/1

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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत प्राथमिकता
जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। जिसके कारण कई राज्यों में लॉकडाउन है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशन प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। इस योजना के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक जैसे की सड़क पर रहने वाले, कूड़ा उठाने वाले, फेरी वाले, रिक्शा चालक, प्रवासी मजदूर आदि को प्राथमिकता प्रदान दी जाएगी। इस बात की जानकारी डीएफपीडी के सचिव सुधांशु पांडे द्वारा प्रदान की गई।
80 करोड़ लाभार्थियों के लिए आवंटित किया गया 759 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न
जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं मार्च 2020 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की गई थी। इस पैकेज के अंतर्गत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 80 करोड़ राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को अतिरिक्त एवं मुफ्त खाद्यान्न का वितरण किया गया था। इस योजना को महामारी के कारण आई आर्थिक बाधाओं का सामना करने के लिए जरूरतमंद नागरिकों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से अंत्योदय योजना एवं प्राथमिकता वाले परिवारों को सामान्य रूप से वितरित किए जाने वाले मासिक खाद्य की मात्रा को दोगुना कर दिया गया था।

NFBS राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना 2022 | ऑनलाइन आवेदन फॉर्म

इस योजना के पहले चरण से लेकर पांचवें चरण तक लगभग 80 करोड एनएफएसए लाभार्थियों को अनाज वितरित करने के लिए राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 759 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है। यह खाद्यान्न खाद सब्सिडी में लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपए के बराबर है। अब तक लगभग 580 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न लाभार्थियों को वितरित किया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के पांच चरण

प्रारंभ में इस योजना के संचालन की घोषणा केवल 3 माह के लिए की गई थी जो कि अप्रैल 2020, मई 2020 तथा जून 2020 था। यह योजना का पहला चरण था। इसके पश्चात जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक इस योजना के दूसरे चरण की घोषणा की गई थी। वर्ष 2021-22 में कोविड-19 महामारी के संकट जारी रहने के कारण अप्रैल 2021 में सरकार द्वारा इस योजना को मई 2021 और जून 2021 की अवधि के लिए विस्तार करने का निर्णय लिया था। यह योजना का तीसरा चरण था। इसके पश्चात सरकार द्वारा इस योजना के चौथे चरण को भी संचालित किया गया जो कि जुलाई 2021 से नवंबर 2021 तक था। इसके पश्चात इस योजना का पांचवा चरण दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक जारी रखने का निर्णय गया है।

मई 2022 तक प्रदान किया जाएगा मुफ्त राशन योजना का लाभ

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा 20 दिसंबर 2021 को कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें मुफ्त राशन के वितरण को 6 महीने के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब दिल्ली के नागरिकों को 31 मई 2022 तक मुफ्त राशन प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा कैबिनेट बैठक के बाद एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदान की गई। दिल्ली सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को मुफ्त राशन वितरित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को पिछले वर्ष कोरोनावायरस संक्रमण के कारण लांच किया गया था।

  • पहले यह योजना अप्रैल से जून के लिए आरंभ की गई थी जिसका बाद इस योजना का नवंबर तक विस्तार कर दिया गया था। मई 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा जरूरतमंदों को अतिरिक्त मुफ्त राशन देने का फैसला लिया गया था।
  • एनएफएसए के तहत निर्धारित पात्रता के अनुसार प्रवासी श्रमिकों, असंगठित श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों, घरेलू सहायकों (जिनके पास राशन कार्ड नहीं है) समेत सभी जरूरतमंदों को 5 किलो खाद्यान्न प्रदान किया गया। जिसके कारण गैर पीडीएस गरीब लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 40 लाख हो गई है।
  • प्रति व्यक्ति को प्रति माह 4 किलोग्राम गेहूं और 1 किलोग्राम चावल प्रदान किया जाता है। अब तक इस योजना के माध्यम से 20 लाख नागरिकों को लाभ पहुंचा। इसके अलावा एनएसएस के अंतर्गत 7.2 मिलियन लाभार्थियों को मुफ्त खाद धन उपलब्ध करवाया गया है।

मुख्य तथ्य प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

योजना का नामप्रधानमंत्री राशन सब्सिडी योजना
इनके द्वारा शुरू की गयीप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा
लाभार्थीदेश 80 करोड़ लाभार्थी
उद्देश्यगरीब लोगो को राशन पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी

खाद्यान्न का चरणबद्ध आवंटन तथा वितरण

वर्ष 2020-21 के दौरान – वर्ष 2020-21 में इस योजना का पहला एवं दूसरा चरण संचालित किया गया था। 8 माह की वितरण अवधि के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 321 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया था। जिसमें से राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने देश भर में प्रतिमाह औसतन लगभग 94% एनएफएसए आबादी जोकि 75 करोड़ लाभार्थी है को 298.8 एलएमटी खाद्यान्न के कुल वितरण की जानकारी दी है।

वर्ष 2021 22 के दौरान- वर्ष 2021 22 में चरण 3, चरण 4 एवं चरण 5 संचालित किए गए हैं जिनकी जानकारी कुछ इस प्रकार है: –

  • चरण 3 – चरण 3 को मई 2021 से जून 2021 तक संचालित किया गया है। तीसरे चरण के दौरान 2 माह की वितरण अवधि के लिए सरकार द्वारा 79.46 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है। जिसमें से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने प्रतिमाह औसतन 95% एनएफएसए आबादी को 75.2 एमएलटी खाद्यान्न के वितरण की रिपोर्ट प्रदान की है। जिसका तात्पर्य यह है कि लगभग 75.18 करोड़ लाभार्थियों को 94.5% खाद्यान्न आवंटित किया गया है।
  • चरण 4 – चरण 4 को जुलाई 2021 से नवंबर 2021 तक संचालित किया गया है। इस चरण में 5 महीने की वितरण अवधि के लिए सरकार द्वारा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 198.78 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित किया गया है। जिसमें से केंद्र शासित प्रदेशों एवं राज्यों द्वारा 186.1 एलएमटी खाद्यान्न के वितरण की सूचना प्रदान की गई है। जिसके अंतर्गत 93% लाभार्थियों को कवर किया गया है। जिसका तात्पर्य यह है कि लगभग 74.4 करोड़ लाभार्थियों को 93.6% खाद्यान्न आवंटित किया गया है।
  • चरण 5- चरण 5 को दिसंबर 2021 से मार्च 2022 तक संचालित किया जाएगा। सरकार द्वारा 4 माह की वितरण अवधि के लिए सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 163 एलएमटी खाद्यान्न का आवंटन किया गया है। जिसमें से लाभार्थियों को अब तक 19.76 एलएमटी खाद्यान्न का वितरण किया जा चुका है।

एक देश एक राशन कार्ड के माध्यम से किया गया राशन का वितरण

सरकार द्वारा एक देश एक राशन कार्ड योजना का भी शुभारंभ किया गया था। जिसके माध्यम से संपूर्ण देश में एक राशन कार्ड के माध्यम से राशन की प्राप्ति की जा सकती है। बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, केरला, महाराष्ट्र, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश जैसे राज्य पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के वितरण के लिए अंतर् राज्य पोटेबिलिटी लेनदेन की अधिकतम सीमा दर्ज की गई है। इसी तरह दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, दादरा नगर हवेली तथा दमन एंड दिउ, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटका, जम्मू एंड कश्मीर, झारखंड द्वारा पहले चरण से लेकर चौथे चरण तक इस योजना के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय पोटेबिलिटी लेनदेन की अधिकतम संख्या दर्ज की गई है।

उड़ीसा में मार्च 2022 तक प्रदान किए जाएंगे प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक जी के द्वारा 11 दिसंबर 2021 को राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति अतिरिक्त 5 किलो चावल वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह वितरण 4 माह तक निशुल्क प्रदान किया जाएगा। सभी योजना के लाभार्थियों को मार्च 2022 तक अतिरिक्त चावल प्रदान किए जाएंगे। इस वितरण के कारण खाद्य सुरक्षा योजना में नामअंकित लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बराबर लाभ प्राप्त होगा। इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत 915532 परिवारों के 288528 परिवार लाभवंती होंगे। प्रति माह 4571 टन चावल लाभार्थियों को वितरित किए जाएंगे। 4 माह तक कुल 18310.64 टन चावल लाभार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। जिसके लिए सरकार द्वारा 68.13 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाएगा राशन वितरण का महा अभियान

12 दिसंबर 2021 को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राशन वितरण के लिए महा अभियान आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा यह जानकारी प्रदान की गई की यह अभियान देश का अब तक का सबसे बड़ा राशन वितरण अभियान है। अंत्योदय एवं डोमेस्टिक राशन कार्ड धारकों को सीधे इस अभियान का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को एवं पात्र परिवारों को दोगुना राशन वितरित किया जाएगा। 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को यह राशन वितरण किया जाएगा।  सभी सांसदों एवं विधायकों को इस अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस अभियान के माध्यम से राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक, श्रमिक एवं किसानों को भी लाभ पहुंचेगा। इसके अलावा यूपी सरकार भी राशन कार्ड धारकों को महीने में दो बार मुक्त गेहूं और चावल प्रदान करेगी। राशन की दुकानों के माध्यम से खाद्य, तेल और नमक भी मुफ्त मुहैया करवाया जाएगा।

मार्च 2022 तक किया जाएगा योजना का विस्तार

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रतिमाह 5 किलो खाद्यान्न प्रदान किया जाता है। इस योजना को कोविड-19 महामारी के कारण अप्रैल 2020 में 3 महीने के लिए आरंभ किया गया था। तब से इस योजना का 4 बार विस्तार किया गया है। 5 नवंबर 2021 को खाद्य सचिव द्वारा बयान दिया गया था कि 30 नवंबर 2021 के बाद इस योजना का कोई भी विस्तार अर्थव्यवस्था में सुधार के कारण नहीं किया जाएगा। लेकिन कैबिनेट द्वारा 24 नवंबर 2021 को यह निर्णय लिया गया है कि इस योजना का विस्तार मार्च 2022 तक किया जाएगा। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा प्रदान की गई। इस पांचवें चरण के अंतर्गत खाधान पर 53344.52 करोड़ रुपए की अनुमति खाद सब्सिडी होगी। इसके अलावा इस योजन की कुल लागत 2.6 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगी

दिल्ली सरकार द्वारा किया गया योजना का विस्तार

अब तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के चार चरण कार्यान्वित किए जा चुके है। चौथे चरण के अंतर्गत सरकार द्वारा नवंबर 2021 तक अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किया गया है। इस योजना के माध्यम से 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह मुफ्त राशन प्रदान किया जाता है। इस योजना को कोरोनावायरस महामारी के कारण सन 2020 में आरंभ किया गया था। दिल्ली सरकार द्वारा इस योजना का विस्तार मई 2022 तक करने का निर्णय लिया गया है। केंद्र से दिल्ली सरकार द्वारा सभी राज्यों के लिए इस योजना के विस्तार करने का आग्रह किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के द्वारा कोविड-19 के कारण बेरोजगार हुए लोगों को मद्देनजर रखते हुए केंद्र से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के विस्तार करने का आग्रह किया गया है।

खाद एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडे जी के द्वारा 7 नवंबर 2021 को यह जानकारी प्रदान की गई है कि इस योजना को आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बात का निर्णय OMSS पॉलिसी के तहत अर्थव्यवस्था में सुधार और खुले बाजार में खाद धन के अच्छे निपटान को देखते हुए लिया गया है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना प्रतिमाह आवंटन (in MT)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश गेहूं चावल कुल
 आंध्र प्रदेश 0 134112 134112
 अंडमान निकोबार 41 263 304
 अरुणाचल प्रदेश 0 4202 4202
 आसाम 0 125164 124154
 बिहार 174233 261349 435582
 चंडीगढ़ 1397 0 1397
 छत्तीसगढ़ 0 100385 100385
 दादर नगर हवेली एंड दमन एंड दिउ 300 1049 1349
 दिल्ली 29112 7278 36390
 गोवा 0 2661 2661
 गुजरात 119600 51257 170857
 हरियाणा 63245 0 63245
 हिमाचल प्रदेश 8411 5911 14322
 जम्मू एंड कश्मीर 10490 25715 36205
 झारखंड 52740 79110 131850
 कर्नाटका 0 200965 200965
 केरला 14156 63244 77400
 लद्दाख 213 507 719
 लक्षदीप 0 110 110
 मध्य प्रदेश 241310 0 241310
 महाराष्ट्र 196433 153652 350085
 मणिपुर 0 9301 9301
 मेघालय 0 10728 10728
 मिजोरम 0 3341 3341
 नागालैंड 0 7023 7023
 उड़ीसा 21519 140646162165
 पुडुचेरी 0 3152 3152
 पंजाब 70757 0 70757
 राजस्थान 220006 0 220006
 सिक्किम 0 1894 1894
 तमिल नाडु 18235 164112 182347
 तेलंगाना 0 95811 95811
 त्रिपुरा 0 12509 12509
 उत्तर प्रदेश 441576 294384 735960
 उत्तराखंड 18582 12388 30970
 पश्चिम बंगाल 180551 120368 300919
 कुल 1882908 2092579 3975487

गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत 2 महीने का कुल आवंटन (May-June 2021) (in LMT)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश गेहूं चावल कुल
 आंध्र प्रदेश0.002.682.68
 अंडमान निकोबार0.000.010.01
 अरुणाचल प्रदेश0.000.080.08
 आसाम0.002.502.50
 बिहार3.485.238.71
 चंडीगढ़0.030.000.03
 छत्तीसगढ़0.002.012.01
 दादर नगर हवेली एंड दमन एंड दिउ0.010.020.03
 दिल्ली0.580.150.73
 गोवा0.000.050.05
 गुजरात2.391.033.42
 हरियाणा1.260.001.26
 हिमाचल प्रदेश0.170.120.29
 जम्मू एंड कश्मीर0.210.510.72
 झारखंड1.051.582.64
 कर्नाटका0.004.024.02
 केरला0.281.261.55
 लद्दाख0.000.010.01
 लक्षदीप0.000.000.00
 मध्य प्रदेश4.830.004.83
 महाराष्ट्र3.933.077.00
 मणिपुर0.000.190.19
 मेघालय0.000.210.21
 मिजोरम0.000.070.07
 नागालैंड0.000.140.14
 उड़ीसा0.432.813.24
 पुडुचेरी0.000.060.06
 पंजाब1.420.001.42
 राजस्थान4.400.004.40
 सिक्किम0.000.040.04
 तमिल नाडु0.363.283.65
 तेलंगाना0.001.921.92
 त्रिपुरा0.000.250.25
 उत्तर प्रदेश8.835.8914.72
 उत्तराखंड0.370.250.62
 पश्चिम बंगाल3.612.416.02
 कुल37.6641.8579.51

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत उठान (प्रगतिशील) (in MT)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश गेहूं चावल कुलमासिक आवंटन की प्रतिशत
 आंध्र प्रदेश0268223268223200
 अंडमान निकोबार0526526173
 अरुणाचल प्रदेश084038403200
 आसाम0214397214397171
 बिहार297246304083601329138
 चंडीगढ़279402794200
 छत्तीसगढ़0199646199646199
 दादर नगर हवेली एंड दमन एंड दिउ58320452628195
 दिल्ली550981338868486188
 गोवा053225322200
 गुजरात20726793489300756176
 हरियाणा1131030113103179
 हिमाचल प्रदेश166831171728400198
 जम्मू एंड कश्मीर189664580864774179
 झारखंड93823149980243803185
 कर्नाटका0363163363163181
 केरला28313126487154800200
 लद्दाख4129661378192
 लक्षदीप0220220200
 मध्य प्रदेश4503780450378187
 महाराष्ट्र276788137715414503118
 मणिपुर01820418204196
 मेघालय02145521455200
 मिजोरम066826682200
 नागालैंड01404714047200
 उड़ीसा41893242925284818176
 पुडुचेरी063036303200
 पंजाब1415130141513200
 राजस्थान3071340307134140
 सिक्किम036303630192
 तमिल नाडु35416319189354605194
 तेलंगाना0191620191620200
 त्रिपुरा02501825018200
 उत्तर प्रदेश8553965736861429082194
 उत्तराखंड346192268257301185
 पश्चिम बंगाल317760202890520650173
 कुल329518535939096889094173

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की कुछ मुख्य विशेष बातें

योजना का लाभराशि / लाभ
राशन कार्डधारक (80 करोड़ लोग)अतिरिक्त रूप से 5 किलो राशन मुफ्त
कोरोना योद्धा (डॉक्टर, नर्स, स्टाफ)50 लाख का बीमा
किसान (पीएम किसान योजना में पंजीकृत)2000 / – (अप्रैल प्रथम सप्ताह में)
जन धन खाताधारक (महिला)500 / – अगले तीन महीने
विधुर, गरीब नागरिक, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक1000 / – (अगले तीन महीने के लिए)
उज्जवला योजनाअगले तीन महीने तक सिलेंडर फ्री
स्वयं सहायता समूहों10 लाख अतिरिक्त ऋण मिलेगा
निर्माण मजदूरउनके लिए 31000 Cr Fund का उपयोग किया जाएगा
ईपीएफअगले तीन महीने के लिए सरकार द्वारा 24% (12% + 12%) का भुगतान किया जाएगा

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में पंजीकरण कैसे करे ?

देश के जो गरीब लोग इस योजना के अंतर्गत सब्सिडी पर राशन सरकार द्वारा प्राप्त करना चाहते है तो उन्हें निचे दिए गए दिशा निर्देश को पढ़ना होगा। प्रधानमंत्री राशन सब्सिडी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए कोई पंजीकरण की प्रक्रिया नहीं है । देश के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत 2 रूपये प्रतिकिलो की दर से गेहू और 3 रूपये प्रतिकिलो की दर से चावल प्राप्त करना चाहते है तो वह राशन की दुकान पर जाकर अपने राशन कार्ड के ज़रिये प्राप्त कर सकते है ।सब्सिडी पर राशन लेकर देश के गरीब लोग अपना जीवन यापन कर सकते है

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